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‘थानों पर गम्‍भीरता से सुनी जाए महिलाओं की शिकायतें’

राष्‍ट्रीय महिला आयोग सदस्‍य ने जनसुनवाई के दौरान सम्बन्धित अधिकारियों को ऐक्शन टेकन रिपोर्ट आयोग को समय से भेजने के दिये निर्देश

प्रयागराज। सम्बन्धित अधिकारी महिलाओं की शिकायतो को पूरी गम्भीरता से सुने। इसमें किसी प्रकार की शिथिलता बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं की जायेगी। महिला जन सुनवाई में आने वाले शिकायती प्रकरणों के निस्तारण की मानिटरिंग सुनवाई के बाद नियमित रूप से आयोग के स्तर पर की जाती है इसलिए प्रकरणों को बेवजह लम्बित करने तथा पीड़ित महिलाओ को न्याय दिलाने में किसी प्रकार का विलम्ब कतई नहीं होगा। ये बातें राष्ट्रीय महिला आयोग नई दिल्ली द्वारा महिला आयोग की सदस्य डा0 रजुलबेन एल0 देसाई ने सरकिट हाऊस में पीड़ित महिलाओं की समस्याएं सुनने के दौरान कही।

उन्होंने वहां पर उपस्थित थानों से आये सम्बन्धित अधिकारियों को चेताया कि एक्शन टेकन रिपोर्ट आयोग को समय से भेज दे। इसके लिए कम से कम 15 दिन और अधिक से अधिक 30 दिन से ज्यादा समय नहीं लगना चाहिए। उन्होंने वहां मौजूद महिलाओं से कहां कि कोई भी महिला अगर चाहे तो मौखिक रिपोर्ट भी दर्ज करा सकती है। मा. सदस्य, राष्ट्रीय महिला आयोग ने सरकिट हाऊस में जनसुनवाई के दौरान श्रीमती सीमा सोनकर ग्राम अखोड़ा थाना मेजा के मामले में मेजा थाने से आये हुए विवेचना अधिकारी को कड़े शब्दों में इनके मामले को देखने व निस्तारित करने को कहा। इसी तरह एक अन्य मामले में देव नारायण ननके निवासी बड़ा गांव, सोरांव के मामले में पूछनें पर सीओ सोरावं द्वारा बताया गया कि चार्ज शीट दाखिल कर दी गयी है। इसी तरह मा0 सदस्य द्वारा सिनियर सिटीजन के मामलों के विषय में बोलते हुए कहा कि प्रापर्टी राइट के लिए पहले अपना आवेदन एस0डी0एम0 को दें। इसी जनसुनवाई के दौरान एक मामला कसारी मसारी निवासी गीता मिश्रा जी का था, जो अपने पति से अपने पालन पोषण के लिए आवेदन दिया था। इस पर आयोग द्वारा इनके पति को बुला कर समझाने का भी प्रयास किया गया और इस दौरान मा0 सदस्य ने कहा कि हमारा काम न्याय दिलाने के साथ-साथ आपस में बातचीत करके सुलह कराना भी है, जिससे परिवार टूटने से बच सके। जनसुनवाई में एक मामला निवासी कोरांव श्री छवि लाल जिनकी बेटी आज चार साल से गायब है कि शिकायत की, कहा कि पुलिस उसको ढूढ़ने का प्रयास नहीं कर रही है। इस पर मा0 सदस्या काफी नाराज हुई और सम्बन्धित अधिकारियों से रोष व्यक्त करते हुए कहा कि इसकी मानीटरिंग मैं खुद भी करूंगी। आप लोग इस मामले को पूरी गम्भीरता के साथ ले। इसी तरह मा. सदस्य ने लिस्टेड किये गये 33 और वहां आये कई नए प्रकरणों को भी सुना तथा सम्बन्धित थानों के प्रभारियों को निर्देशित किया।

सदस्य ने पूर्व की जनसुनवाई के प्रकरणों के निस्तारण की स्थिति देखी। उन्होंने उपस्थित थानो के प्रभारी अधिकारियों को निर्देशित किया कि महिलाओं की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुनें। उन्होंने कहा कि अगर कोई पीडित महिला थाने में अपनी शिकायत लेकर आती है तो उसकी पूरी समस्या को गम्भीरता से सुने तथा उस पर त्वरित कार्यवाही भी करें। उन्होंने कहा कि महिलाओ की समस्याओं को त्वरित निस्तारण कराने के लिए राष्ट्रीय महिला आयोग नई दिल्ली पूरी तरह से कटिबद्ध है। इसके साथ ही थानों पर ही महिलाओं की समस्यायें निस्तारित करने पर उन्होंने जोर दिया और कहा कि महिलाओं की समस्यायें थानो पर ही समाधान होने पर महिलाओं को इधर-उधर भटकने की आवश्यकता ही नही पड़ेगी।

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