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चक्रवाती तूफान ‘फानी’ ने ली आठ लोगों की जान

ओडिशा में मचाई तबाही, तूफान से से निपटने के लिए झारखंड सरकार ने बनाया नियंत्रण कक्ष

नई दिल्ली। भारी बारिश और 175 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली प्रचंड हवाओं के साथ चक्रवाती तूफान ‘फानी’ ने शुक्रवार की सुबह ओडिशा तट पर दस्तक दी। इससे कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई है। चक्रवाती तूफान फानी की वजह से पश्चिम बंगाल में तेज बारिश हो रही है और हवा चल रही है। इससे पूर्वी मिदनापुर जिले में 50 घर तबाह हो गए हैं। तूफान के 90 से 100 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से मध्यरात्रि से शनिवार सुबह तक पश्चिम बंगाल में दस्तक देने की संभावना है। हवाओं की गति 115 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने की आशंका है।

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दक्षिण-पूर्व के तटीय राज्यों में रेड अलर्ट जारी किया गया है और मछुआरों को समुद्र में नहीं उतरने को कहा गया है। पूर्व तट रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हावड़ा-चेन्नई मार्ग पर करीब 220 ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं। तूफान के पश्चिम बंगाल की ओर बढ़ने के मद्देनजर राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अगले 48 घंटे के लिए पूर्वनियोजित अपनी सभी चुनावी रैलियों को रद्द कर दिया है। वे स्थिति पर नजर रख रही हैं। ओडिशा में तूफान के कारण कई पेड़ उखड़ गए और झोपड़ियां उजड़ गईं। साथ ही कई शहर और गांव जलमग्न हो गए हैं। चक्रवाती तूफान फानी ने सुबह करीब आठ बजे राज्य की धार्मिक नगरी पुरी में दस्तक दी। बांग्ला में इस तूफान का नाम ‘फोनी’ उच्चारित किया जाता है, जिसका अर्थ ‘सांप का फन’ है। भारी बारिश के कारण प्रभावित इलाकों में स्थित घर डूब गए हैं। वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक अब तक कम से कम आठ लोग मृत बताए जा रहे हैं।

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि पुरी जिले में एक किशोर सहित तीन लोगों, भुवनेश्वर और आसपास के इलाकों में तीन लोगों के मारे जाने की खबर है। कंक्रीट के मलबे की चपेट में आने से नयागढ़ में एक महिला की मौत हो गई जबकि केंद्रपाड़ा जिले में एक राहत शिविर में एक बुजुर्ग महिला की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने स्थिति की समीक्षा की है। उन्होंने कहा कि पुरी जिले को भारी नुकसान पहुंचा है, जहां चक्रवात ने सबसे पहले दस्तक दी। उन्होंने कहा, ‘बिजली आपूर्ति का बुनियादी ढांचा पूरी तरह से नष्ट हो गया। बिजली आपूर्ति बहाल करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य है। ‘ बिजली आपूर्ति बहाल करने के लिए सैकड़ों इंजीनियर और तकनीशियन युद्ध स्तर पर काम कर रहे हैं। पटनायक ने कहा कि सड़क संपर्क बहाल करने के लिए कार्य जारी है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि चक्रवात अब भी ओडिशा से गुजर रहा है। नुकसान का आकलन करने में वक्त लगेगा।

भुवनेश्वर में स्थित मौसम विभाग केंद्र के निदेशक एचआर विश्वास ने फानी के दस्तक देने के शीघ्र बाद बताया कि चक्रवात करीब 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। हालांकि कुछ देर के अंदर हवाओं ने 175 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ ली। राज्य की राजधानी भुवनेश्वर में भी नुकसान पहुंचा है। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) के डीआईजी रणदीप राणा ने कहा कि एहतियात बरतने की वजह से अब तक अधिक लोगों के हताहत होने की खबर नहीं है। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य प्रशासन ने चक्रवात से पहले करीब 10,000 गांवों और 52 शहरी इलाकों से करीब 11 लाख लोगों को हटा लिया था जो देश में प्राकृतिक आपदा के समय संवेदनशील जगहों से लोगों को निकालने का संभवत: अब तक का सबसे बड़े पैमाने पर किया गया बचाव कार्य है। ये सभी लोग 4,000 से अधिक शिविरों में ठहरे हुए हैं जिनमें से विशेष रूप से चक्रवात के लिए बनाये गए 880 केंद्र शामिल हैं।

उड़ीसा में आए तूफान की सेटेलाइट तस्‍वीर।

विशेष राहत आयुक्त बीपी सेठी ने बताया कि चक्रवाती तूफान के दस्तक देने के बाद से यह खुर्दा, कटक, जयपुर, भद्रक और बालेश्वर की ओर बढ़ रहा है। इसके बाद यह पश्चिम बंगाल में दस्तक देगा। उन्होंने कहा कि भुवनेश्वर में करीब 140 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से तूफान ने दस्तक दी। राज्य की राजधानी भुवनेश्वर एवं अन्य कई इलाकों में संचार लाइनें बाधित हो गई हैं। मोबाइल टावर क्षतिग्रस्त हो गए हैं और कई जगहों पर बिजली की आपूर्ति ठप हो गई है।
भुवनेश्वर से मिली खबर के अनुसार कई पेड़ टूटकर गिर गए हैं जिससे सड़कें बाधित हो गई हैं। पुरी, खुर्दा और कटक जिलों में फूस के मकान और पुराने मकानों को बड़े पैमाने पर नुकसान होने की खबर है। ग्रीष्मकालीन फसलों और बागानों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। राष्ट्रीय टीवी चैनलों ने भुवनेश्वर में एक बस को तेज हवाओं के प्रभाव से डगमगाते दिखाया गया है। वहीं एक पुलिस बूथ राजमार्ग पर 200 फुट तक घिसटकर चला गया। भुवनेश्वर हवाई अड्डा शुक्रवार को भी बंद रहा जबकि पारादीप और गोपालपुर बंदरगाह भी एहतियाती कदम उठाते हुए बंद कर दिए गए थे।

एक अधिकारी ने बताया कि भुवनेश्वर हवाईअड्डे पर उपकरणों को भारी नुकसान पहुंचा है लेकिन उड़ानों का परिचालन शनिवार को दोपहर एक बजे से शुरू होने की उम्मीद है। रेलवे चक्रवात प्रभावित ओडिशा, पश्चिम बंगाल और आंध्र प्रदेश के लिए राहत सहायता सामग्री मुफ्त में पहुंचाएगा। रेलवे ने इस सिलसिले में कुछ दिशानिर्देश जारी किए हैं और सभी डिवीजनल रेलवे मैनजरों को पत्र लिखकर कहा है कि सभी सरकारी संगठन प्रभावित राज्यों के लिए राहत सामग्री मुफ्त में बुक कर सकते हैं। ओडिशा में फोनी के दस्तक देने के बाद पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल भी इसके प्रकोप से खुद को बचाने के लिए तैयारी कर रहा है। कोलकाता में बादल घिरे हैं और शुक्रवार सुबह से कई अन्य इलाकों में भी बारिश हुई है। राज्य की राजधानी के कई हिस्सों में जलजमाव हो गया है। मौसम विभाग के एक अधिकारी के अनुसार, ‘‘चक्रवात सप्ताहांत तक पश्चिम बंगाल में दस्तक दे सकता है। 100 और 110 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।” पूर्वी और पश्चिमी मिदनापुर सहित कई जिलों, उत्तर और दक्षिण 24 परगना के अलावा हुगली, झारग्राम, कोलकाता और सुंदरबन के भी चक्रवात से प्रभावित होने की संभावना है। इसके बाद बांग्लादेश की ओर बढ़ते हुए इसका असर कम होता जाएगा।

नई दिल्ली में विमानन नियामक संस्था डीजीसीए ने बताया कि कोलकाता हवाईअड्डे पर शुक्रवार दिन में तीन बजे से शनिवार सुबह आठ बजे तक न तो कोई विमान उतरेगा और न ही वहां से उड़ान भरेगा। नागर विमानन मंत्री सुरेश प्रभु ने शुक्रवार को कई ट्वीट कर बताया कि सभी एयरलाइनों को चक्रवात फानी से प्रभावित यात्रियों की चिंताओं पर निश्चित रूप से तत्काल जवाब देना चाहिए। उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘हम सभी चक्रवात फोनी के चलते फंसे हुए जरूरतमंद लोगों को मदद उपलब्ध कराने के लिए तैयार हैं। प्रभावित यात्रियों की सहायता के लिए नियंत्रण कक्ष, हेल्पलाइनें हर समय चालू हैं। सभी एयरलाइनों को निश्चित रूप से यात्रियों की चिंताओं पर तत्काल जवाब देना चाहिए।” प्रभु ने यह भी कहा कि राहत एवं बचाव अभियान में प्रभावित राज्यों की मदद के लिए उनका मंत्रालय उन राज्यों की सरकारों से संपर्क में रहेगा।

गृह मंत्रालय ने कहा है कि चक्रवात ‘फानी’ का केंद्र सुबह 10 बजे तक स्थलीय क्षेत्र में पहुंच गया जिससे इसकी प्रचंडता कम हो गई। हालांकि इस चक्रवात के कारण ओडिशा, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल, पूर्वोत्तर राज्यों के कुछ हिस्सों में भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है। एनडीआरएफ, नौसेना, तटरक्षक बल, सेना और वायु सेना के बचाव कर्मियों को तैनात किया गया है और केंद्र सरकार स्थिति पर करीबी नजर रख रही है। गृह मंत्रालय नियंत्रण कक्ष में हेल्पलाइन नंबर 1938 शुरू किया गया है। एनडीआरएफ ने 60 टीमों को तैनात किया है जबकि 25 टीमों को तैयार रखा है। हर टीम में 45 सदस्य होते हैं। भारतीय नौसेना ने राहत कार्यों के लिए पूर्वी तट पर छह पोतों को तैनात किया है जबकि पांच पोतों, छह विमानों और सात हेलीकॉप्टरों को विशाखापत्तनम में तैयार रखा गया है। वहीं, भारतीय वायु सेना ने राहत कार्यों के लिए दो सी-17 विमान तैनात किए हैं जबकि दो सी-130 और चार एएन-32 विमानों को तैयार रखा गया है। भारतीय तटरक्षक बल ने छह पोत तैनात किए हैं और छह पोतों को तैयार रखा है।

शिलांग से प्राप्त खबर के मुताबिक मेघालय सरकार ने चक्रवात फानी के मद्देनजर राज्य में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल की एक पलटन तैनात करने की मांग की है। गुवाहाटी से प्राप्त समाचार के मुताबिक असम सरकार ने सभी जिला उपायुक्तों और संबद्ध एजेंसियों को सतर्क रहने के लिए कहा है। झारखंड सरकार ने उड़ीसा और पश्चिम बंगाल में आए फानी चक्रवाती तूफान के दुष्प्रभाव से राज्य को बचाने के लिए अनेक एहतियाती कदम उठाए हैं और नियंत्रण कक्ष भी बनाया है। गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग, झारखंड सरकार ने पत्र जारी कर संबंधित विभागों एवं सभी जिलों के उपायुक्तों को निर्देश जारी किया है कि चक्रवाती तूफान ‘फोनी’ को ध्यान में रखते हुए आपदा प्रबंधन के लिये एक नियंत्रण कक्ष संचालित किया जाए। विभाग ने पत्र के माध्यम से जानकारी दी है कि आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा राज्य स्तर पर संचालित नियंत्रण कक्ष का टेलीफोन नंबर 0651-2446923 है। यह नंबर सप्ताह में सातों दिन 24 घंटे चालू रहेगा।

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