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प्रयागराज होमगार्ड विभाग के पूर्व जिला कमांडेंट बर्खास्त

डीएम की निगरानी में जांच करेगी टीम, मनमानी वसूली करने वालों पर आफत

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश होमगार्ड वेतन घोटाले को लेकर लखनऊ के जिला कमांडेंट कृपा शंकर पांडे की गिरफ्तारी के बाद अब प्रयागराज के पूर्व जिला कमांडेंट प्रियब्रत सिंह की शासन ने सेवा समाप्त कर दी है। जिसके बाद महकमे के अधिकारियों में हड़कंप मचा है। बताया जा रहा है कि होमगार्ड विभाग में ड्यूटी के नाम पर प्रयागराज में बड़े पैमाने पर धांधली की शिकायत शासन को मिली है। जिसके बाद प्रयागराज जिला होमगार्ड विभाग की अलग से जांच कराने का निर्देश शासन ने दे दिया है।

  • डीएम के निगरानी में जांच करेगी टीम

लखनऊ के अलावा प्रयागराज समेत अन्य जिलों में भी अनियमितता का मामला सामने आया है। जिसकी जांच जिला अधिकारी के नेतृत्व में पुलिस व होमगार्ड के अधिकारियों की संयुक्त टीम बनाकर कराई जाएगी। जांच के लिए जिलाधिकारी किसी अपर जिलाधिकारी को निर्देशित कर सकते हैं। गौरतलब है कि प्रमुख सचिव होमगार्ड अनिल कुमार ने प्रयागराज समेत अन्य जिलों से मिली शिकायत के आधार पर जांच के आदेश दिए हैं। बीते कई सालों से होमगार्ड विभाग में गार्डों की नौकरी और वेतन में अनियमित्ता का मामला सामने आता रहा है । लेकिन हर बार मामला दबा दिया जाता था।

फाइल फोटो प्रतिकात्‍मक
  • फर्जी तरीके से पैसे निकलने पर हुई गिरफ्तारी

होमगार्ड वेतन घोटाले में लखनऊ जिला के कमांडेंट कृपा शंकर पांडे की गिरफ्तारी के बाद पूरे विभाग में खलबली मची है। कृपा शंकर पांडे का परिवार प्रयागराज के सलोरी इलाके में रहता है। कृपा शंकर पांडे पर होमगार्जडो के नौ जवानों को ड्यूटी पर तैनात कर 23 जवानों की तैनाती दिखाकर फर्जी बिल से पैसा निकालने का आरोप है । इसी मामले में कृपाशंकर पांडे की गिरफ्तारी की गई है। उनकी गिरफ्तारी के बाद से माना जा रहा था कि प्रयागराज के भी अधिकारी सरकार के रडार पर है।

  • पूर्व जिला कमांडेंट बर्खास्त

अनियमित्ता की शिकायत के बाद प्रयागराज के पूर्व जिला कमांडेंट प्रियब्रत सिंह को शासन ने सेवा से बर्खास्त कर दिया है। प्रियब्रत सिंह प्रयागराज में होमगार्ड विभाग में 70 पदों पर हुई भर्ती में अनियमितता के दोषी पाए गए थे। शासन ने प्रियव्रत सिंह की बर्खास्तगी के लिए लोक सेवा आयोग से अनुमति मांगी थी। अनुमति मिलने के बाद शासन ने विभागीय मंत्री का अनुमोदन लेकर उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया है।वही आला अधिकारियों की गिरफ्तारी के बाद होमगार्ड विभाग के अन्य जिम्मेदार अधिकारियों यह हडकम्प मचा है।

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