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पात्र व्यक्ति तक पहुंचे स्वास्थ्य सेवाएं: जिलाधिकारी

महिला स्वास्थ्य कार्यकत्रियों ( बी एच डब्लू) की अभिमुखीकरण कार्यशाला का आयोजन मोती लाल मेडिकल कॉलेज के प्रो. प्रीतमदास प्रेक्षागृह में हुई आयोजित

प्रयागराज। सरकार द्वारा विभिन्न स्वास्थ्यपरक सेवायें एवं योजनाएं चलायी जा रही है, जिनका लाभ पात्र व्यक्तियों तथा जरूतमंद लोगों तक पहुंचाना आशा एवं ए.एन.एम. का कर्तव्य है। महिला होने के नाते आपका अधिक दायित्व बनता है कि महिलाओं की स्वास्थ्य सम्बन्धित सेवाओं को पूरी तरह से उन्हें मुहैया कराये। लड़कियों को उनके स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करें। जिससे उन्हें ये जानकारी हो कि भविष्य में स्वास्थ्य रहने के लिए क्या करना है। ये बातें मोती लाल नेहरू मेडिकल कालेज के प्रो. प्रीतमदास प्रेक्षागृह में आयोजित महिला स्वास्थ्य कार्यकत्रियों ( बी एच डब्लू) का अभिमुखीकरण कार्यशाला के दौरान जिलाधिकारी भानुचन्द्र गोस्वामी ने कही।

जिलाधिकारी ने उपस्थित आशा एवं ए.एन.एम. से कहा कि अपने दायित्वों का निर्वाहन सिर्फ अपनी नौकरी ही समझ के न करें बल्कि इंसानियत व मानवता के नाते अपनी जिम्मेदारी समझते हुए स्वरूचि के कार्य करें। अगर कार्य को एक जिम्मेदारी के रूप में लेकर कार्य करें तो आपको कार्य करने में गर्व की अनुभूति महसूस होगी। एमसीपी कार्ड भरने के समय ही गर्भवती महिला की काउसिलिंग शुरू करते हुए उन्हें टीकाकरण, परिवार कल्याण, स्तनपान आदि के महत्व की जानकारी दी जाय। उन्होंने कहा कि वीएचएनडी में किशोरियों को बुलाकर उन्हें स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी दी जाय। भ्रूण परीक्षण तथा भ्रूण हत्या को पूरी तरह से रोका जाय। इसके साथ ही लड़की के पैदा होने से लेकर उसके विवाह एवं गर्भवती होने तक उसकी देखभाल करने के कार्य को पूरी ईमानदारी से किया जाय।

जिलाधिकारी ने कन्या सुमंगला योजना की चर्चा करते हुए बताया कि इसके तहत बालिका के जन्म होने पर रूपये दो हजार एक मुश्त दिया जायेगा, बालिका के एक वर्ष तक के पूर्ण टीकाकरण के उपरांत रूपये एक हजार एक मुश्त दिया जायेगा, कक्षा प्रथम में बालिका के प्रवेश के उपरान्त एक मुश्त दो हजार दिया जायेगा, कक्षा 6 में बालिका के प्रवेश के उपरान्त दो हजार रूपये की धनराशि दी जायेगी, कक्षा नौ में बालिका के प्रवेश के उपरान्त रूपया तीन हजार एक मुश्त किया जायेगा। ऐसी बालिकायें जिन्होंने कक्षा 12वीं उतीर्ण करके स्नातक डिग्री या कम से कम दो वर्षीय डिप्लोमा कोर्स मे प्रवेश लिया हो तो एक मुश्त पांच हजार रूपये देने का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कन्या सुमंगला योजना की पात्रता हेतु लाभार्थी का परिवार उत्तर प्रदेश का निवासी हो तथा उसके पास स्थायी निवास प्रमाण पत्र हो, जिसमें राशन कार्ड/आधार कार्ड/वोटर पहचान पत्र/विद्युत/टेलीफोन का बिल मान्य होगा।, लाभार्थी की पारिवारिक वार्षिक आय अधिकतम रूपये 3.00 लाख हो, किसी परिवार की अधिकतम दो ही बच्चियों को योजना का लाभ मिल सकेगा, लाभार्थी के परिवार का आकार (साईज)-परिवार में अधिकतम दो बच्चे हों, किसी महिला को द्वितीय प्रसव से जुडवा बच्चे होने पर तीसरी संतान के रूप में लड़की को भी लाभ अनुमन्य होगा। यदि किसी महिला को पहले प्रसव से बालिका है व द्वितीय प्रसव से दो जुड़वा बालिकायें ही होती है तो केवल ऐसी अवस्था में ही तीनों बालिकाओं को लाभ अनुमन्य होगा, यदि किसी परिवार ने अनाथ बालिका को गोद लिया हो, तो परिवार की जैविक संतानों तथा विधिक रूप में गोद ली गयी संतानों को सम्मिलित करते हुए अधिकतम दो बालिकायें इस योजना की लाभार्थी होंगी।

जिलाधिकारी ने कहा कि आशा एवं ए.एन.एम को ब्लाकवार प्रशिक्षण भी प्रदान किया जायेगा तथा सरकार के द्वारा संचालित स्वास्थ्य सेवाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाते हुए पात्र व्यक्तियों को इसका लाभ दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि कार्यों के लिए आशा एवं ए.एन.एम की जिम्मेदारी भी तय की जायेगी। उन्होंने कहा कि जननी सुरक्षा योजना में गति को बढ़ाया जाय। मोती लाल मेडिकल कॉलेज के प्रो प्रीतमदास प्रेक्षागृह में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. गिरिजा शंकर वाजपेयी के साथ स्वास्थ्य विभाग के अधिकारीगण उपस्थित रहें।

  • सैदाबाद के प्रभारी चिकित्साधिकारी को कार्यों में लापरवाही पर फटकार, कोरांव, प्रतापपुर, जसरा, करछना, कोरवा, होलागढ़, के प्रभारी चिकित्साधिकारी सही चिन्हांकन न करने के कारण जिलाधिकारी ने दी चेतावनी

जिलाधिकारी प्रयागराज भानुचंद्र गोस्वामी की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ समिति की बैठक संगम सभागार में की गयी, जिसमें मुख्य विकास अधिकारी- अरविंद सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी-डा0 जी0एस0 वाजपेयी, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी-सत्येन्द्र राय सहित जनपद के समस्त उप मुख्य चिकित्साधिकारी एवं सभी प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के प्रभारी चिकित्साधिकारी मौजूद थे। जिलाधिकारी ने प्रत्येंक बिन्दुओं पर विस्तृत समीक्षा करते हुए कहा कि सरकार द्वारा जो भी स्वास्थ्य विभाग से सम्बन्धित योजनाएं संचालित की जा रही है, उसका धरातल पर असर दिखना चाहिए।
बैठक में जिलाधिकारी ने कौड़िहार, मेजा, सोरांव ब्लाक में स्थिति सन्तोषजनक न मिलने पर जिलाधिकारी महोदय ने कड़ी नाराजगी जाहिर की। फूलपुर ब्लाक के अधीक्षक पर कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि सुधार नहीं होने पर आपके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेंगी। जसरा, करछना, कोरांव, कोटवा, मऊआइमा ब्लाक की स्थिति सन्तोषजनक न पाये जाने पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जाहिर की। सन्तोषजनक रिपोर्ट न मिलने पर जिलाधिकारी ने कड़ी चेतावनी जारी करते हुए स्थिति में सुधार लाने के निर्देश दिये। प्रतापपुर की स्थिति बेहद गम्भीर पाये जाने पर जिलाधिकारी ने ज्वाइन्ट मजिस्‍ट्रेट को जांच कर वास्तविक रिपोर्ट देने के आदेश दिये तथा सम्बन्धित अधीक्षक को चेतावनी भी दी कि यदि रिपोर्ट में गड़बड़ी मिली तो आपके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेगी।
इसी के साथ जिलाधिकारी ने प्रधानमंत्री मातृ बन्दना योजना की भी समीक्षा की। जिन ब्लाकों में डाटा फीडिंग 60 प्रतिशत से कम पायी गयी, उन्हें कड़ी चेतावनी देते हुए जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि इस माह के अन्त तक स्थिति में सुधार लाने का प्रयास करें नही ंतो आपके विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सैदाबाद के अधीक्षक के कार्यों से असन्तुष्ट होकर जिलाधिकारी ने उनके खिलाफ स्पष्टीकरण जारी करने के निर्देश मुख्य चिकित्साधिकारी को दिये। इसी के साथ उन्होंने खराब प्रदर्शन करने वाले अधीक्षकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने को कहा।
जिलाधिकारी ने इम्यूनाइजेशन प्रोग्राम की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि टिटनेस, खसरा, बी0सी0जी0 के टीकाकरण के राष्ट्रीय लक्ष्य से हम कम है। उन्होंने निर्देश दिय कि आशा बहनों और ए0एन0एम0 के सहयोग से कार्य में प्र्रगति लायें। साथ ही उन्होंने अधीक्षकों को निर्देशित किया कि काम ठीक ढंग से न करने वाली आशा बहनों के खिलाफ स्पष्टीकरण मांग कर उनके खिलाफ कार्रवाई करें। जिलाधिकारी ने यह भी देखने को निर्देशित किया कि लाभार्थिंयों की जांच सही ढंग से हो रही है कि नहीं। उन्होंने कहा कि शासन के निर्देशों के क्रम में यह सुनिश्चित करें कि लाभ लाभार्थिंयों के निचले स्तर तक पहुंचे।
जिलाधिकारी ने मोतियाबिन्द नियन्त्रण प्रोग्राम की समीक्षा कर प्रगति रिपोर्ट प्राप्त की। उन्होंने कहा कि चश्मा वितरण सुनिश्चित हो, जिससे मरीज को परेशानी का सामना न करना पड़े। जिलाधिकारी ने आयुष्मान भारत योजना की समीक्षा के तहत एम0सी0पी0 कार्ड के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने यूनीसेफ की तरफ से आयें प्रतिनिधि से इसके बारे में एक अलग से टेªनिंग क्लास लेने के निर्देश दिये, जिससे एम0सी0पी0 कार्ड का विवरण कैसे भरा जाना है, इसकी जानकारी अधीक्षकों एवं उनके साथ सहयोग करने वालों को मिल सके।

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