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22 पुलिसकर्मियों सहित 89 लोगों पर मुकदमा दर्ज

भाजपा नेता वकील कांड में नया मोड

उत्तर प्रदेश के एटा जनपद के थाना कोतवाली नगर क्षेत्र में वर्ष दिसम्बर 2020 में करोड़ों की भूमि पर कब्जे को लेकर जमीनी विवाद को लेकर हुए दो पक्षों में विवाद के बाद जमकर हुई फायरिंग के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने सरकारी अधिवक्ता सहित उसके परिवार के 7 सदस्यों को जेल भेज दिया गया था।

वरिष्ठ अधिवक्ता काफी लम्बे समय से उक्त मकान में निवास कर रहे थे। सरकारी अधिवक्ता के निवास पर एक योजना के तहत भाजपा नेता के कब्जे करने एवं पुलिस द्वारा अधिवक्ता को मय परिवार के जेल भेज देने के बाद अधिवक्ता ने मुकदमा दर्ज कराने के लिए न्यायालय की शरण ली और दोषियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराने के लिए स्पेशल जज डकैती कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया गया जो काफी समय से कोर्ट में लम्बित था। जिस पर बीते दिन एन्टी डकैती स्पेशल जज सरोज कुमार ने कोतवाली नगर को मुकदमा दर्ज कर जांच के आदेश दिए गए हैं।

2020 की हाई प्रोफाइल घटना

आपको बताते चलें 21 दिसंबर 2020 को एटा मुख्यालय पर कब्जे करने के लिए हुए इस भाजपा नेता व सरकारी अधिवक्ता के बीच हुए गोलीकांड व पुलिस की बर्बरता पूरे जिले में चर्चा का विषय रही। वर्ष 2020 की यह सबसे बड़ी हाई प्रोफाइल घटना मानी जा रही है जिसमें पुलिस ने सरकारी अधिवक्ता को उसकी वकील की ड्रेस में सरेआम वटों से मार पीटकर घर से घसीट कर मय परिवार के थाने में ले जाकर विभिन्न संगीन धाराओं में मय महिलाओं के मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया गया था साथ ही प्रशासन ने सरकारी अधिवक्ता के खिलाफ गुंडा एक्ट एनएसए जैसी कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू कर दी। उक्त घटना की अधिवक्ता की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए हाईकोर्ट व राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने भी संज्ञान लिया था।

वहीं, प्रभारी निरीक्षक कोतवाली नगर ने बताया कि अभी तक हमें कोर्ट का कोई आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। मुख्यालय के बहुचर्चित सरकारी अधिवक्ता राजेन्द्र शर्मा के पुलिसिया एवं प्रशासनिक उत्पीड़न के मामले में जिले की स्पेशल जज डकैती कोर्ट ने 156/3 के तहत सुनवाई करते हुए 49 लोगों सहित 40 अज्ञात के विरुद्ध कोतवाली नगर को अभियोग पंजीकृत करने के आदेश किये है।

स्पेशल कोर्ट के समक्ष अप्रैल 2021 में दाखिल किया गया था प्राथना पत्र

पीड़ित अधिवक्ता राजेन्द्र शर्मा ने स्पेशल जज डकैती कोर्ट के समक्ष अप्रैल 2021 में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया था, जिस पर कई दौर की सुनवाई के बाद आज को अभियोग दर्ज करने के आदेश दिये गए हैं। स्मरण रहे कि दिनांक 21 दिसम्बर 2020 को राजेन्द्र शर्मा के आवास पर पुलिस प्रशासन एवं मुख्य विपक्षी अविनाश शर्मा एडवोकेट से सम्पत्ति के विवाद में घटना क्रम घटित हुआ जिसमें अधिवक्ता के परिजनों सहित वादी राजेन्द्र शर्मा के साथ हद दर्जे की पुलिस व उनके अधिकारियों द्वारा बदसलूकी की गई थी जिस पर उच्च न्यायालय ने स्वतः सज्ञान लिया था जो सुनवाई में विचाराधीन है। इस मामले को अधिवक्ता राजेन्द्र शर्मा ने 156 (3) के तहत अभियोग दर्ज करने के लिये उक्त कोर्ट से प्रार्थना की जिस पर विधि सम्मत सुनवाई करते हुये विद्वान न्यायाधीश सरोज भारती ने कोतवाली नगर को घटना के अनुसार अभियोग दर्ज कर विवेचना करने के आदेश पारित किये हैं।

कोर्ट में दी गई तहरीर के मुताबिक भाजपा नेता अविनाश शर्मा रामू भटले सहित तत्कालीन सीओ एसडीएम,प्रभारी निरीक्षक कोतवाली नगर व महिला थानाध्यक्ष सहित 22 पुलिस कर्मी शामिल हैं। कुल 49 लोगो को सज्ञेय घटना क्रम में शामिल किया गया है। जिनमे 40 लोग अज्ञात हैं। आदेश की प्रति कोतवाली नगर को प्रेषित कर दी गई है। आपको बताते चलें उक्त हाई प्रोफाइल फायरिंग व अवैध कब्जा लेने को लेकर घटी घटना में एक पक्ष भाजपा का नेता है वही दूसरा पक्ष सरकारी अधिवक्ता है दोनों ही पक्ष उक्त मकान पर अपना अपना कब्जा मालिकाना हक बताते थे जिसकी कीमत कई करोड़ बताई जाती है दोनों ही पक्षों ने अलग अलग लोगों से बेनामा करा रखे हैं।

इन अधिकारियों के नाम शामिल

घटना के समय एटा जनपद में तत्कालीन जिलाधिकारी सुखलाल भारती तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार सिंह तथा अपर पुलिस अधीक्षक संजय कुमार, उप जिलाधिकारी अब्दुल कलाम, क्षेत्राधिकारी नगर राजकुमार सिंह जो वर्तमान में एटा जनपद की ही तहसील अलीगंज में क्षेत्राधिकारी अलीगंज के रूप में तैनात हैं थे तथा कंचन कटियार महिला थाना प्रभारी तथा अभी जनपद के विभिन्न थानों तैनात उप निरीक्षक कई पुलिस कर्मी होमगार्ड आदि शामिल थे। जिनमें से कुछ नामजद हैं और कुछ अज्ञात।

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